
साप्ताहिक समीक्षा: IBM का 2,000-क्विट माइलस्टोन और माइक्रोसॉफ्ट की लॉजिकल क्विट में बड़ी सफलता
हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) का परिदृश्य इस सप्ताह नाटकीय रूप से बदल गया है। वर्षों तक, यह उद्योग केवल भौतिक क्विट (physical qubit) की संख्या बढ़ाने की एक प्रतीकात्मक दौड़ (vanity metric race) में फंसा हुआ था। हालाँकि, IBM और माइक्रोसॉफ्ट की हालिया सफलताओं से संकेत मिलता है कि अब क्वांटम कंप्यूटिंग का प्रयोगात्मक युग समाप्त हो रहा है और हम क्वांटम उपयोगिता एवं आर्किटेक्चरल परिपक्वता के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं।
IBM की स्केलिंग रणनीति: 2,000-क्विट का नया क्षितिज
IBM ने बड़े पैमाने के क्वांटम सिस्टम बनाने के अपने लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है, और वह अपने 2,000-क्विट 'हेरॉन' (Heron) आर्किटेक्चर की डिलीवरी के करीब पहुंच गया है। उद्योग के पहले 'क्वांटम-सेंट्रिक सुपरकंप्यूटिंग रेफरेंस आर्किटेक्चर' का अनावरण करके, IBM ने यह दिखाया है कि कैसे क्वांटम प्रोसेसिंग यूनिट्स (QPUs) को सीधे क्लासिकल GPU और CPU क्लस्टर के साथ जोड़ा जा सकता है। इसका उद्देश्य रसायन विज्ञान और सामग्री विज्ञान (materials science) की वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान करना है। यह नया ब्लूप्रिंट 'मॉड्यूलरिटी' पर केंद्रित है, जो चिप-टू-चिप कपलर का उपयोग करके उन वायरिंग बाधाओं को दूर करता है जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से क्वांटम स्केलिंग को सीमित किया था।
कंपनी ने यह भी पुष्टि की कि उसके अंतरिम सिस्टम अब 'वैज्ञानिक क्वांटम लाभ' (scientific quantum advantage) प्राप्त कर रहे हैं, जो क्लासिकल सुपरकंप्यूटर की तुलना में जटिल समस्याओं को अधिक कुशलता से हल कर रहे हैं। यह प्रगति मॉड्यूलर 'कूकाबुरा' (Kookaburra) प्रोसेसर के लिए रास्ता साफ करती है, जिन्हें कई चिप्स को एक एकीकृत सिस्टम में जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल सर्किट चलाने में सक्षम होंगे।
माइक्रोसॉफ्ट की लॉजिकल क्विट विश्वसनीयता में बड़ी छलांग
जहाँ एक ओर IBM पैमाने (scale) की सीमाओं को आगे बढ़ा रहा है, वहीं माइक्रोसॉफ्ट और उसके साझेदारों, क्वांटिनम (Quantinuum) और एटम कंप्यूटिंग (Atom Computing) ने समीकरण के 'लॉजिकल' पक्ष पर ध्यान केंद्रित किया है। इस सप्ताह की रिपोर्टों ने क्विट वर्चुअलाइजेशन में एक महत्वपूर्ण छलांग को रेखांकित किया, जहाँ माइक्रोसॉफ्ट के नए फोर-डायमेंशनल एरर-करेक्शन कोड ने त्रुटि दरों (error rates) में 1,000 गुना की कमी हासिल की है। यह सफलता बहुत कम भौतिक क्विट से अत्यधिक विश्वसनीय 'लॉजिकल क्विट' (logical qubits) बनाने की अनुमति देती है—जो पहले अनुमानित हजारों की संख्या से काफी कम है।
व्यावसायिक तत्परता का प्रदर्शन करते हुए, माइक्रोसॉफ्ट और एटम कंप्यूटिंग ने कमर्शियल-ग्रेड सिस्टम की डिलीवरी शुरू कर दी है जिसमें 'एंटैंगल्ड लॉजिकल क्विट' शामिल हैं। न्यूट्रल-एटम हार्डवेयर का उपयोग करके, ये सिस्टम शोर (noise) और पर्यावरणीय हस्तक्षेप के प्रति अधिक प्रतिरोधी साबित हो रहे हैं। यह प्रयोगशाला के प्रोटोटाइप से Azure क्लाउड इंटीग्रेशन के लिए तैयार एक लचीले बुनियादी ढांचे की ओर संक्रमण को चिह्नित करता है। यह 'रिलेबिलिटी-फर्स्ट' दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अगली पीढ़ी के क्वांटम एल्गोरिदम अरबों ऑपरेशन कर सकें और गणना शोर में न खो जाए।
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